गीतकार डॉ.अवनीश राही के काव्य संग्रह का लोकार्पण करते हिमाचल प्रदेश के गवर्नर माननीय शिव प्रताप शुक्ला जी
*हिमाचल प्रदेश के गवर्नर ने किया साहित्यकार डॉ.अवनीश राही के महाग्रंथ का लोकार्पण*
*राज्यपाल ने सराहा गीतकार डॉ.अवनीश राही का साहित्य–सृजन—शिमला में गूँजा काव्य–उत्सव*
* गीतकार डॉ.अवनीश राही के महाग्रंथ का राज्यपाल ने किया अनावरण—साहित्य जगत में उत्साह*
अलीगढ़ के जाने–माने वरिष्ठ साहित्यकार और शिक्षाविद् गीतकार डॉ.अवनीश राही की वृहद महाग्रंथीय काव्य–कृति “कविता के रंग – शब्दों के संग” का भव्य लोकार्पण हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला के कर–कमलों द्वारा शिमला स्थित रेडीसन ब्लू पाँच सितारा होटल के सभागार में सम्पन्न हुआ।
मुख्य अतिथि के रूप में अपने उद्बोधन में राज्यपाल ने कहा—“यह काव्य–कृति संवेदना, विचार और रचनात्मकता का विराट दस्तावेज है। साहित्यकार डॉ.अवनीश राही की लेखनी समाज के अनुभवों को गहराई और सूक्ष्मता से अभिव्यक्त करती है। उनकी रचनाएँ समय के सरोकारों को एक नए आयाम के साथ सामने लाती हैं और पाठक को सोचने पर विवश करती हैं।”
इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक विनय सिंह ने बताया कि यह साझा महाग्रंथ कुल 311 रचनाओं पर आधारित है, जिसमें देश के अनेक नामचीन साहित्यकारों, कवियों और गीतकारों की सर्जनात्मक उपस्थिति शामिल है। संकलन का संपादन स्वयं गीतकार डॉ.अवनीश राही ने किया है, जिससे प्रस्तुति में अनुशासन, सौंदर्य और साहित्यिक संतुलन देखने को मिलता है।
वरिष्ठ साहित्यकार अमर सिंह राही ने कहा कि रवीना प्रकाशन, नई दिल्ली से प्रकाशित यह साढ़े तीन सौ पृष्ठों का विराट काव्य–ग्रंथ विषयों और संवेदनाओं की दृष्टि से अत्यंत विस्तृत है। मानवीय संवेदना, प्रकृति की प्रतिध्वनि, दर्शन की गहराई और सामाजिक सरोकारों की व्यापकता—सब एक साथ इस कृति में मुखरित होती हैं।
समारोह में काव्य–पाठ और संवाद–विमर्श के दौरान कई रचनाएँ श्रोताओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनीं। लय, भाषा और भाव–प्रवाह ने वातावरण को साहित्यिक चेतना से भर दिया। उपस्थित साहित्य–प्रेमियों ने इसे समकालीन हिंदी काव्य–जगत का महत्वपूर्ण योगदान बताया।
अपने काव्य–पाठ के दौरान साहित्यकार डॉ.अवनीश राही ने कहा —“यह कृति उन शब्द–साधकों और संवेदनशील हृदयों के लिए समर्पित है, जो रचनात्मकता को जीवन का सार मानते हैं। मेरा उद्देश्य रहा है कि यह संकलन पाठकों तक वह ऊष्मा पहुँचाए, जो साहित्य को जीवंत और कालातीत बनाती है। कृति केवल कागज़ पर शब्दों का समुच्चय नहीं, बल्कि विचार, भावना और अनुभव की निरंतर यात्रा है।”
इस उपलब्धि पर साहित्यकार डॉ.अवनीश राही को साहित्यकारों, कवियों, गीतकारों और तमाम चाहने वालों ने बधाई दी है।
ज्ञातव्य हो कि गीतकार डॉ.अवनीश राही वर्तमान में हीरालाल बारहसैनी इंटर कॉलेज, अलीगढ़ में व्याख्याता पद पर कार्यरत हैं।
गीतकार डॉ.अवनीश राही इनके गीत सुनने के लिए
https://youtube.com/@dr.avnishrahi?si=BeNnAzaKhv6r2hbF
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